कोविड 19 वैक्सीन वितरण को लेकर सरकार ने राज्यों को जारी की गाइडलाइन

 

वैक्सीन वितरण को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार, जानिए टीका लगवाने के लिए क्या करना है आपको

नई दिल्ली, एजेंसियां। कोरोना वैक्सीन वितरण को लेकर भारत सरकार पूरी तरह से सतर्क है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन वितरण को लेकर गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने पहले ही घोषणा की थी कोरोना वैक्सीन सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की दी जाएगी। इसके बाद कोरोना महामारी की स्थिति के आधार पर वैक्सीन की उपलब्धता और आबादी के हिसाब से लोगों में टीके लगाए जाएंगे। क्षेत्र को देखते हुए प्रति दिन 100 से 200 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। टीका लगाए जाने के आधे घंटे बाद उसकी निगरानी की जाएगी।

हाल ही में राज्यों को जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार कोरोना वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (Co-WIN) प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म - का उपयोग वास्तविक समय के आधार पर टीकाकरण और एंटी-कोरोना वायरस टीकों के लिए सूचीबद्ध लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए किया जाएगा।

टीकाकरण स्थल पर केवल पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों को प्राथमिकता के अनुसार ही टीका लगाया जाएगा और ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा अभी कोई प्रावधान नहीं किया गया। राज्यों से कहा गया है कि जहां तक ​​संभव हो क्षेत्र में विभिन्न COVID-19 टीकों से बचने के लिए एक ही वैक्सीन निर्माता से एक जिले की कोरोना वैक्सीन को आवंटित करें।

टीकाकरण के पहले चरण के तहत लगभग 30 करोड़ आबादी को टीका लगाए जाने की योजना है। कोरोना का टीका लगाए जाने के लिए सरकार द्वारा कहा गया है कि मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन दस्तावेज सहित बारह पहचान पत्रों द्वारा Co-WIN website पर जाकर पंजीकरण किया जा सकेगा। 

सरकार द्वारा COVID-19 वैक्सीन ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार वैक्सीन को शीशियों या आइस पैक को सीधे सूर्य के प्रकाश में लाने से बचने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए। अन्यथा सूर्य के सीधे संपर्क में आने से कोरोना की वैक्सीन ज्यादा कारगार नहीं रहेगी। जब तक कोई अगला टीका लगवाने नहीं आता तब तक वैक्सीन की शीशी को आइस के डब्बे से बाहर नहीं निकालना चाहिए। वैक्सीन के शीशी पर कोई एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होगी।


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